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Tuesday, March 24, 2009

डा0 कुमारेन्द्र सिंह सेंगर

पिता का नाम - श्री महेन्द्र सिंह सेंगर
जन्मतिथि - 19-03-1974
जन्म स्थान - उरई (जालौन) उ0प्र0

शिक्षा - पी-एच0 डी0 (हिन्दी साहित्य)
(डा0 वृन्दावनलाल वर्मा के उपन्यासों में अभिव्यक्त सौन्दर्य का अनुशीलन)
- एम0 ए0 (अर्थशास्त्र, हिन्दी साहित्य, राजनीतिशास्त्र)
- बी0 एस-सी0 (गणित)

- पत्रकारिता एवं जनसंचार का स्नातकोत्तर डिप्लोमा

अध्यापन अनुभव
- अंशकालिक प्रवक्ता के रूप में दयानन्द वैदिक स्नातकोत्तर महाविद्यालय, उरई में अर्थशास्त्र विषय - 1 वर्ष (1995-96)
- अंशकालिक प्रवक्ता के रूप में दयानन्द वैदिक स्नातकोत्तर महाविद्यालय, उरई में हिन्दी साहित्य विषय - 6 वर्ष (1999-2000 से 2004-05)

साहित्यिक-यात्रा
- सन् 1983 में कविता लेखन के साथ प्रारम्भ (कविता प्रकाशित)
- लेख, शोध-आलेख
, कहानी, लघुकथा, कविता, ग़ज़ल, नाटक आदि का लेखन एवं नियमित रूप से देश की प्रतिष्ठित पत्र/पत्रिकाओं में प्रकाशन
- वर्तमान तक कुल 10 पुस्तकों का प्रकाशन
- (एक कविता संग्रह, एक कहानी संग्रह, एक षोध सम्बन्धी, तीन पाठ्यक्रम सम्बन्ध्, एक कन्या भूण हत्या निवारण सम्बन्धी, दो पर्यावरण सम्बन्धी, एक जनपद जालौन सम्बन्धी)

सम्प्रति
- सम्पादक-स्पंदन (साहित्यिक पत्रिका)
- प्रवक्ता-गांधी महाविद्यालय, उरई (जालौन) उ0प्र0 (2005-06 से वर्तमान तक)
- मुख्य कार्यकारी-दीपशिखा (समाजसेवी संगठन)

साहित्यिक गतिविधियों के अतिरिक्त सांस्कृतिक कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी, राष्ट्रीय, प्रादेशिक एवं स्थानीय स्तर की विविध समाजसेवी, साहित्यिक संगठनों, संस्थाओं में पदाधाकारी एवं सक्रिय सहयोग-
- भारतीय रेडक्रास समिति की जिला कार्यकारिणी के सदस्य (वर्तमान में)
- सी0एम0ओ0 की अध्यक्षता वाली पीपीएनडीटी की सलाहकार समिति के सदस्य (वर्ष 2004
से वर्ष 2007 तक)
- नेहरू युवा केन्द्र की राष्ट्रीय पुनर्निर्माण वाहिनी की जनपद जालौन की जिला कार्यकारिणी में पदाध्कारी रहे।
- गैर सरकारी संगठन ‘दीपशिखा’ का संचालन एवं अध्यक्ष पद
- शोध संस्था ‘समाज अध्ययन केन्द्र’ के निदेशक
- पी-एच0 डी0 होल्डर्स एसोसिएशन के संयोजक
- सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के क्रियान्वयन हेतु राष्ट्रीय अभियान
- अखिल भारतीय नवोदित साहित्यकार परिशद् के जिला उपाध्यक्ष (वर्ष 2002 से वर्तमान तक)
- कैरियर एवं काउंसलिंग संस्था
‘कौटिल्य एकेडमी’ के सलाहकार सदस्य

पुरस्कार एवं सम्मान
- उत्तर प्रदेश हिन्दी साहित्य सम्मेलन द्वारा वर्ष 2004 में हिन्दी की बहुआयामी सेवा हेतु सम्मान प्राप्त
- साहित्यिक मंच, भोपाल की ओर से वर्ष 2006 में युवा आलोचक का सम्मान
- सेण्टर फार स्टडी आफ डेवलपिंग सोसायटीस (सीएसडीएस) नई दिल्ली की ओर से वर्ष 2006 में बेस्ट इन्वेस्टीगेटर (प्रथम बार प्रारम्भ) का पुरस्कार प्राप्त
- अखिल भारतीय पुस्तक प्रचार समिति, इन्दौर द्वारा वर्ष 2007 में साहित्यिक सम्मान प्राप्त
- नेहरू युवा केन्द्र,
जालौन स्थान उरई द्वारा वर्ष 2007 में सर्वश्रेष्ठ युवा का सम्मान प्रदान
- पुष्पगंधा प्रकाशन कवर्धा (छत्तीसगढ़) द्वारा वर्ष 2008 में सम्पादक श्री की सम्मानोपाधि प्रदान



सम्पर्क
- 110 रामनगर, सत्कार के पास, उरई (जालौन) उ0प्र0 पिन-285001
दूरभाष - 09793973686, 09415187965, (05162)250011, 256242
e-mail : dr.kumarendra@gmail.com
, dr.kumarendra@rediffmail.com
spandan.kss@gmail.com, spandan_kss@rediffmail.com
web-page : http://kumarendra.blogspot.com/
http://spandanhindi.blogspot.com/

दीपक चौरसिया 'मशाल'

माता- श्रीमति विजयलक्ष्मी
पिता- श्री लोकेश कुमार चौरसिया
जन्म- २४ सितम्बर १९८०, उरई(उत्तर प्रदेश)
प्रारंभिक शिक्षा- कोंच(उत्तर प्रदेश)
शिक्षा- जैवप्रौद्योगिकी में परास्नातक, पी एच डी(शोधार्थी)

संस्थान- क्वीन'स विश्वविद्यालय, बेलफास्ट, उत्तरी आयरलैण्ड, संयुक्त गणराज्य

१४ वर्ष की आयु से साहित्य रचना प्रारंभ की, प्रारंभ में सिर्फ लघु कथाओं, व्यंग्य एवं निबंध लिखने का प्रयास किया। कुछ अभिन्न मित्रों से प्रेरित और प्रोत्साहित होके धीरे-धीरे कविता, ग़ज़ल, एकांकी, कहानियां लिखनी प्रारंभ कीं. अब तक देश व क्षेत्र की कुछ ख्यातिलब्ध पत्रिकाओं और समाचारपत्रों में कहानी, कविता, ग़ज़ल, लघुकथा का प्रकाशन, रचनाकार एवं शब्दकार में कुछ ग़ज़ल एवं कविताओं को स्थान मिला. श्रोताओं की तालियाँ, प्रेम एवं आशीर्वचनरूपी सम्मान व पुरस्कार प्राप्त किया.

रुचियाँ- साहित्य के अलावा चित्रकारी, अभिनय, पाककला, समीक्षा, निर्देशन, संगीत सुनने में खास रूचि।

Monday, March 23, 2009

अरुण मित्तल "अदभुत"

जन्म- २१ फ़रवरी १९८५ को चरखी दादरी में।
शिक्षा- एम। बी. ए., एम. फिल., पी. एच. डी. (शोधार्थी)।

कार्यक्षेत्र-प्रवक्ता, (प्रबंध), बिरला प्रौद्योगिकी संस्थान (डीम्ड विश्वविद्यालय) ।


प्रकाशित रचनाएँ-

विभिन्न पत्र पत्रिकाओं में 3०० से अधिक कविताएँ, लेख, लघुकथाएँ, कहानियाँ आदि प्रकाशित। साहित्य के अतिरिक्त प्रबंध विषय से संबंधित विषयों पर शोध कार्य करना एवं अंतरजाल पर प्रबंध से संबंधित सामग्री तलाश करना। इंटरनेट पत्रिका रचनाकार में १० कविताएँ एवं २ लेख प्रकाशित, हिन्दी छंद एवं गज़ल व्याकरण मे विशेष निपुणता, मुख्यत छंदबद्ध कविताओं का लेखन। आकाशवाणी रोहतक एवं जैन टी वी से काव्य पाठ।


सम्मान-पुरस्कार-

चरखी दादरी अग्रवाल सभा द्वारा 'दादरी अग्रकुल गौरव' से सम्मानित, लॉयंस क्लब, भिवानी द्वारा 'साधना सम्मान', मानव कल्याण संघ, चरखी दादरी द्वारा 'साहित्य सेवी सम्मान'। दिल्ली प्रेस द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित 'युवा कहानी प्रतियोगिता-२००५' में कहानी 'ग़लतफ़हमी' को द्वितीय पुरस्कार इत्यादि।

Friday, February 27, 2009

श्यामल सुमन

नाम :श्यामल किशोर झा
लेखकिये नाम :श्यामल सुमन
जन्म तिथि:
10.01.1960
जन्म स्थान :
चैनपुर, जिला सहरसा, बिहार
शिक्षा :
स्नातक, अर्थशास्त्र, राजनीति शास्त्र एवं अँग्रेज़ी
तकनीकी शिक्षा :
विद्युत अभियंत्रण में डिप्लोमा
वर्तमान पेशा :
प्रशासनिक पदाधिकारी टाटा स्टील, जमशेदपुर
साहित्यिक कार्यक्षेत्र :
छात्र जीवन से ही लिखने की ललक, स्थानीय समाचार पत्रों सहित देश के कई पत्रिकाओं में अनेक समसामयिक आलेख समेत कविताएँ, गीत, ग़ज़ल, हास्य-व्यंग्य आदि प्रकाशित स्थानीय टी.वी. चैनल एवं रेडियो स्टेशन में गीत, ग़ज़ल का प्रसारण, कई कवि-सम्मेलनों में शिरकत और मंच संचालन। अंतरजाल पत्रिका "अनुभूति एवं हिन्दी नेस्ट में रचनाएँ प्रकाशित। गीत ग़ज़ल संकलन प्रेस में प्रकाशनार्थ
रुचि के विषय :
नैतिक मानवीय मूल्य एवं सम्वेदना

योगेश समदर्शी

योगेश समदर्शी
गाजियाबाद, UP, India
पिता : श्री रामपाल सिंह माता: श्रीमती राजेश देवी जन्म दिन : १ जुलाई १९७४ जन्म स्थान: गांव कलंजरी, जिला मेरठ, उत्तर प्रदेश शिक्षा : प्रारंभिक शिक्षा गांव में, उसके उपरांत अंड्मान और दिल्ली में. बारहवी कक्षा के बाद आजादी बचाओ आंदोलन में सक्रिय भागीदारी के कारण औपचारिक शिक्षा बींच में ही छोड दी. रुचियां : सामाजिक विषयों पर चर्चा, कविता लेखन, नाटक लेखन, कहानी लेखन, भाषण करना, नाट्य विधा से विशेष लगाव. रचनाएं : अब तक कई समाचार पत्र और पत्रिकाओं में कहानी और कविताएं प्रकाशित. संप्रति: मेल टुडे समाचार पत्र (इंडिया टुडे ग्रुप) में सीनियर इन्फोग्राफर के पद पर कार्यरत जीवन साथी : मेरी सहचरी- गीता मेरी मार्गदर्शक भी है और सहभागी भी. मेरी रुचियों में वह मेरा साथ देती हैं. कुछ दिल की बात: मैं सोचता हूं कि हम सहज हो जाएं इतने सहज जितने के पेड. बिना तिकड़म किये बिना किसी को नुकसान पहुंचाये. संयम और त्याग के साथ ऐसा जीवन जीने का प्रयास करें जो अभी तक तय उत्तम सिद्धांतों पर आधारित हो. एक अच्छा इनसान बनने का प्रयास करें... बस. ... देश से प्यार मेरा दूसरा ध्येय है...... और संस्कृति को तो मैं अपनी मां समझता हूं..... निवास : वैशाली, गाजियाबाद.

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